सूचना का अधिकार का सरल अर्थ है - जनसामान्य तक सरकारी सूचना की पहुंच सुलभ कराने वाला कानूनी
अधिकार। इसका आशय यह है कि सरकारी संगठनों के कार्यों, निर्णयों तथा उनके निष्पादनों से संबंधित
पत्रावलियों एवं दस्तावेजों तक एक औचित्यपूर्ण तथा स्वतंत्र पहुंच प्रत्येक आम नागरिक की होनी
चाहिए। सूचना का अधिकार सरकारी कार्यों में खुलापन और पारदर्शिता को बढ़ावा देने का साधन भी है।
उत्तराखण्ड राज्य में सूचना का अधिकार अधिनियम को लागू हुये विगत अवधि के अनुभवों के आधार पर यह
भी कहा जा सकता है कि सूचना का अधिकार अधिनियम शासन-प्रशासन में जनता की भागीदारी बढ़��ता है,
प्रशासनिक निर्णय में स्वेच्छाचारिता को हतोत्साहित करके जनहित को प्रोत्साहित करता है तथा
शासन-प्रशासन को जनता की आवश्यकताओं के प्रति अधिक संवेदनशील बनाता है। सूचना का अधिकार अधिनियम
की भावना के अनुरूप उत्तराखण्ड सूचना आयोग की यह वेबसाईट तैयार की गयी है। इस वेबसाईट के माध्यम
से निम्नलिखित जानकारियों को सुगमता से प्राप्त किया जा सकेगा:
- सूचना का अधिकार अधिनियम तथा उत्तराखण्ड सूचना आयोग से सम्बन्धित जानकारियां
- हिन्दी एव अंग्रेजी भाषा में सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की प्रतियां
- अधिनियम के संबंध में राज्य सरकार तथा उत्तराखण्ड सूचना आयोग द्वारा जारी किये गये विभिन्न
शासनादेशों/आदेशों/निर्देशों का संकलन
- लोक प्राधिकारियों द्वारा तैयार मैनुअलों की डिजिटाईज़ड प्रतियां
- आयोग में योजित द्वितीय अपीलों एवं शिकायतों की बैंचवार दैनिक वाद सूचियों का विवरण
- द्वितीय अपील का ऑनलाईन प्रेषण
- आयोग में चल रही विभिन्न द्वितीय अपीलों तथा शिकायतों से संबंधित जानकारियां
(वादी/प्रतिवादी, सुनवायी हेतु नियत तिथि, निस्तारण तिथि आदि)
- आयोग द्वारा द्वितीय अपीलों तथा शिकायतों में दिये गये अंतरिम तथा अंतिम निर्णयों की
प्रतियां
- आयोग के वार्षिक प्रतिवेदनों की प्रतियां
- केन्द्रीय सूचना आयोग एवं अन्य राज्य सूचना आयोगों के वेबसाईट लिंक
- उक्त के अतिरिक्त सूचना का अधिकार अधिनियम से सम्बन्धित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां आशा है
कि उत्तराखण्ड सूचना आयोग की यह वेबसाईट सूचना का अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन से
सम्बन्धित विभिन्न जानकारियों को जनसामान्य के साथ-साथ लोक प्राधिकारियों, लोक सूचना
अधिकारियों तथा प्रथम अपीलीय अधिकारियों को भी प्रभावी रूप से उपलब्ध करा पाने में सहायक
सिद्ध होगी। "शुभकामनाएं"